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नीतीश कुमार की कलम से : बिहार के विकास की मेरी गारंटी

वर्तमान अनुमानों से ज्ञात होता है कि बिहार के पास योजनागत व्यय के लिए लगभग चार लाख करोड़ का आंतरिक संसाधन उपलब्ध होगा, जिसमें से 2.7 लाख करोड़ रुपये का उपयोग इन जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जायेगा. यदि जनता फिर से मुङो अधिकृत करे, तो मैं अगले पांच सालों में निरंतर और सुचारू रूप से कार्य कर निर्धारित समय में यह विकास लाकर दिखाऊंगा.

Crime 1

आंकड़े बता रहे बिहार में अपराध लगातार कम हो रहे, उसके उलट भाजपा शासित राज्यों में काफी ज्यादा अपराध

बिहार में अपराध में जबरदस्त कमी आई है। आंकड़ों का गहन अध्ययन करने के बाद पता चलता है कि एक ओर जहां 2005 के बाद अपराध की हर घटना बेहतर तरीके से दर्ज होनी शुरू हुई, वहीं दूसरी ओर अपराध की वास्तविक संख्या में निरंतर गिरावट दिखाई दी।

Communal Tension

बिहार के वोटरों को साम्प्रदायिक ताकतों से क्यों होशि‍यार रहना चाहिए

बिहार के ये रूझान बता रहे हैं कि चुनावी फायदे के लिए भाजपा साम्प्रदायिक हिंसा को उकसा रही है। ऐसी आशंका है कि जैसे- जैसे चुनाव के दिन नजदीक आएंगे,उकसावे और तनाव की घटनाएं बढेंगी। भाजपा की चाहे जो भी चालबाजियां हों,जदयू-राजद-कांग्रेस महागठबंधन को पूरी उम्मीद है कि वोटर ऐसे दांव-पेच से होशि‍यार रहेंगे। वे समुदाय या धर्म के नाम पर उकसाने की किसी भी कोशि‍श के शि‍कार नहीं होंगे।

Sample logo

Nitish Kumar’s 7-point agenda of 2.70 Lakh Crore for Bihar’s development

Nitish Kumar’s package of over 2.70 lakh crore rupees promises to bring real development to Bihar within 5 years. With a focus on youth and women, his 7-pont agenda lays out solutions that are concrete and focused, and will benefit the maximum number of people and households in the state.

Package Truth

जानिये पैकेज की सच्चाई : गलत तरीके से जोड़े गए 1.08 लाख करोड़

यदि आप करीब से इस पैकेज को देखेंगे तो भारत सरकार के इस बहुप्रचारित दावे की सच्चाई को आप जान जाएंगे। इससे पता चलता है कि 1.25 लाख करोड रुपये के पैकेज में कम से 1.08 लाख करोड़ रुपये यानि 87%, मूल्य की परियोजनाएं पुरानी योजनाओं की पुनरावृति है। पूर्व में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा की गई घोषणाओं और आवंटित राशि को इस पैकेज में शामिल कर दिया गया है। इसके अलावा, कुल 6000 करोड़ रुपये के कुछ नए काम को बिना किसी योजना के इसमें शामिल कर दिया गया है।